Article 370 – अनुच्छेद 370 हटाया गया – देखिये गृह मंत्री ने किया बड़ा एलान – कश्मीर होगा पूर्णतया भारत का हिस्सा

0
178

Article 370 राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर सरकार से संबंधित संविधान (जम्मू कश्मीर में लागू) आदेश 2019 जारी किया जो राज्य में भारत का संविधान लागू करने का प्रावधान करता है। राष्ट्रपति ने संविधान (जम्मू-कश्मीर में लागू) आदेश 2019 जारी किया जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

यह जम्मू कश्मीर में लागू आदेश 1954 का स्थान लेगा। इसमें कहा गया है कि संविधान के सभी प्रावधान जम्मू कश्मीर राज्य में लागू होंगे। सरकार ने कहा कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 367 में उपबंध 4 जोड़ा है जिसमें चार बदलाव किए गए हैं। इसमें कहा गया है कि संविधान या इसके उपबंधों के निर्देशों को, उक्त राज्य के संबंध में संविधान और उसके उपबंधों को लागू करने का निर्देश माना जाएगा।

Article 370
Article 370

जिस व्यक्ति को राज्य की विधानसभा की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा जम्मू एवं कश्मीर के सदर ए रियासत, जो स्थानिक रूप से पदासीन राज्य की मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य कर रहे हैं, के रूप में स्थानिक रूप से मान्यता दी गई है, उनके लिए निर्देशों को जम्मू एवं कश्मीर के राज्यपाल के लिए निर्देश माना जाएगा ।


Also, Read about RTI Ammendments


इसमें कहा गया है कि उक्त राज्य की सरकार के निर्देशों को, उनकी मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य कर रहे जम्मू कश्मीर के राज्यपाल के लिए निर्देशों को शामिल करता हुआ माना जाएगा।

देश के राजनीतिक गलियारों में अनुच्छेद 370 के कारण समय-समय पर उबाल आता रहा है। कई साल के प्रयासों के बाद सोमवार को गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में एलान किया कि कश्मीर को अनुच्छेद 370 से मुक्त कर दिया गया है। इसके साथ ही लद्दाख को कश्मीर से अलग कर दिया गया है। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश हैं।

मोदी सरकार के इतने बड़े फैसले के बाद कश्मीर में अचानक सब कुछ बदल जाएगा। आगे जानें अनुच्छेद 370 के हट जाने से कश्मीर में क्या-क्या बदल जाएगा-

  • अभी जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता है। इस राज्य का अपना झंडा भी है। 370 हटने से ये चीजें खत्म हो जाएंगी।
  • जम्मू-कश्मीर में भारत के राष्ट्रीय ध्वज या राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान अपराध नहीं माना जाता है, लेकिन 370 हटने से देश के अन्य हिस्सों की तरह यहां भी ये गतिविधियां अपराध की श्रेणी में आएंगी।
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश फिलहाल जम्मू-कश्मीर में मान्य नहीं होते। बाद में वहां के नागरिकों को भी शीर्ष अदालत के आदेश मानने होंगे।
  • रक्षा, विदेश, संचार छोड़कर अन्य मामलों में अभी जम्मू-कश्मीर विधानसभा की सहमति के बिना वहां केंद्र का कानून लागू नहीं किया जा सकता। लेकिन 370 हटा दिए जाने के बाद केंद्र सरकार अपने कानून वहां भी लागू कर सकेगी।
  • फिलहाल जम्मू-कश्मीर विधानसभा का कार्यकाल 6 साल का होता है। अनुच्छेद 370 हटने से वहां भी अन्य सभी राज्यों की तरह विधानसभा का कार्यकाल 5 वर्षों का किया जा सकेगा।
  • फिलहाल कश्मीर में हिंदू-सिख अल्पसंख्यकों को 16 फीसदी आरक्षण नहीं मिलता। अनुच्छेद 370 हटने से वहां भी अल्पसंख्यकों को आरक्षण का लाभ मिल सकेगा।