Unnao Case: SC ने सभी 5 केसेस को दिल्ली ट्रांसफर करने को कहा, पीड़िता की किया जायेगा दिल्ली तक एयरलिफ्ट, फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई

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Unnao Case सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  में उन्नाव रेप केस की पीड़िता की चिट्ठी पर सुनवाई के दौरान सभी मामलों को यूपी से ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। चीफ जस्टिस रंजन गोगाई ने इस मामले में सॉलिसिटर जनरल से पूछा था कि जांच करने में कितना समय लगेगा तो उन्होंने एक महीने का समय मांगा था। इस पर सीजेआई ने सॉलिसिटर जनरल से एक महीने में नहीं सात दिन में मामले की जांच पूरी करने को कहा। कोई ने इस मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता की स्थिति भी जानी।

Unnao Case
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इस पर सीजेआई ने सॉलिसिटर जनरल से एक महीने में नहीं सात दिन में मामले की जांच पूरी करने को कहा। कोई ने इस मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता की स्थिति भी जानी।

इस मामले में सीजेआई दो बजे दोबारा से सुनवाई करेंगे। इस सुनवाई के दौरान पांच मामलों को ट्रांसफर करने पर फैसला लेंगे। कोर्ट ने कहा कि डॉक्टर सबसे बेहतर जज होते हैं और वह बता पाएंगे कि पीड़िता व उसके वकील को दिल्ली एयरलिफ्ट किया जा सकता है।

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सीबीआई के संयुक्त निदेशक सम्पत मीणा उन्नाव बलात्कार मामले में सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बलात्कार, दुर्घटना मामलों की जांच की स्थिति से न्यायालय को अवगत कराया। कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा, पीड़िता की हालत कैसी है? सॉलिसिटर जनरल ने जवाब दिया, ‘वह अभी वेंटिलेटर पर हैं’। इसके बाद CJI ने पूछा कि क्या अभी उन्हें शिफ्ट किया जा सकता है।

शीर्ष अदालत ने सीबीआई की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की यह याचिका खारिज कर दी कि मामले की सुनवाई शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे तक के लिए स्थगित की जाए क्योंकि उन्नाव मामलों की जांच कर रहे अधिकारी दिल्ली से बाहर हैं। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पीठ ने मेहता की दलील खारिज करते हुए कहा कि सीबीआई निदेशक टेलीफोन पर मामलों की जानकारी ले सकते हैं और पीठ को बृहस्पतिवार को इससे अवगत करा सकते हैं।

पीठ ने मेहता को निर्देश दिया कि वह उसके समक्ष दोहपर 12 बजे तक एक ऐसे जिम्मेदार अधिकारी की मौजूदगी सुनिश्चित करे जो बलात्कार मामले और इसके बाद हुई दुर्घटना के मामले में अब तक हुई जांच की जानकारी मुहैया कराए। न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस भी इस पीठ के सदस्य हैं।

पीठ ने कहा, ”हम सभी मामलों को स्थानांतरित करने जा रहे हैं। हम इस संबंध में आदेश पारित करेंगे। शीर्ष अदालत ने कहा कि दोनों मामले सीबीआई को हस्तांतरित कर दिए गए हैं, इसलिए वह किसी जिम्मेदार सीबीआई अधिकारी से जानकारी हासिल करने के पश्चात दिन में बाद में आदेश पारित करेगा।

गौरतलब है कि न्यायालय ने बलात्कार पीड़िता द्वारा सीजेआई को लिखे पत्र पर बुधवार को संज्ञान लिया था और अपने सेक्रेटरी जनरल से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी कि इस पत्र को 17 जुलाई से अब तक उनके संज्ञान में क्यों नहीं लाया गया।

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